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ये मेरा कमरा है और आज से तुम्हारा भी !

नैना अपनी बातों से सभी को जितना हो सकते उतना उदास ना होने दे रही थी, लेकिन खुद के मन का क्या करती? नैना के सामने ही बैठे उसके दोस्त राहुल ने नैना की आंखों में देखते हुए सीरियस टोन में कहा, तुम्हे वापस आना होगा, अगर तुम नहीं आई तो में वहां पर आ जाऊंगा और तुम्हे ले आऊंगा! तुम नहीं जानती कि में तुम्हे कब से ये बताना चाहता था लेकिन एक्चुअली नैना आई Love You! में तुम्हे पहले दिन से ही पसंद करता हु! लेकिन कभी बताने की हिम्मत नहीं कर पाया। और अब जब तुम जा रही हो तो में अपने आप को रोक नहीं पा रहा! आई Love You सो मच नैना! आई वांट टू मैरी You! विल You बी माइन!
अब आगे,

ये बोलते हुए आप अपने जगह से खडा हुआ और हिम्मत करके नैना के हाथ को अपने हाथ में ले लिया। नैना के मेल Friend के अलावा ये बात कोई नहीं जानता था कि राहुल नैना को पसंद करता है। वही उसकी इस बेबाक हरकत पर नैना घबरा कर रह गई थी। इससे पहले कि नैना अपना हाथ राहुल से छुडवाती राहुल ने उसके हाथ को कसकर पकडा और कहा, मुझे पता है कि ये बात तुम्हे हैरानी में डाल रही है, लेकिन नैना बिलीव मि! में हमेशा तुम्हे प्रोटेक्ट करूंगा और तुम्हारे ऊपर कोई भी आंच नहीं आने दूंगा!

वो अपनी बात पूरी कर पाता इससे पहले ही किसी ने राहुल के मुंह पर एक जोरदार मुक्का जड दिया। नैना ने अपना हाथ जल्दी से पीछे खींचा। घबराहट में उसने अपने मुंह कवर कर लिया जब उस ने अपने सामने अंश को राहुल के मुंह पर मुक्के बरसाते हुए देखा। वो घबराहट के मारे कुछ समझ भी नहीं पा रही थी।

बाकी सब भी राहुल को अंश से छुडवाने की कोशिश कर रहे थे लेकिन इसका कोई फायदा ना था। सना ने जल्दी से नैना से कहा, नैना! उसे रोको! वो राहुल को कही मार ना डाले!

सना के कहने पर नैना जैसे अपने होश में आई और उसने जल्दी से जा कर हिम्मत करते हुए अंश को राहुल से अलग किया। अंश जो कि बाकी किसी के छुडवाने से अलग नहीं हो पा रहा था वो नैना के आते ही राहुल को छोडते हुए दूर हुआ। उसने घूरकर राहुल को देखा और कहा, वो मेरी बीवी है! उस से जितना हो सके उतना दूर रहो, वरना अगली बार किसी को प्रोटेक्ट क्या चलने के काबिल भी नहीं रहोगे!

ये बोलते हुए उसने गुस्से से नैना की तरफ देखते हुए उसके हाथ को पकडा और बाहर की तरफ जाने लगा। उस कैफे में सभी हैरत से उन्हें ही देख रहे थे। राहुल किसी तरह से खडा हुआ और चेयर पर बैठ गया। उसके होंठो के किनारों से खून आ रहा था और आंखों से आंसू!

उसने अब जवाब के लिए सना की तरफ देखा। क्यों नैना ने तो कभी भी अंश के बारे में किसी को भी कुछ भी बताया ही नहीं था।

बाहर आने के बाद अंश ने नैना को कार में जबरदस्ती बैठाया और खुद ड्राइविंग सीट पर आ कर कार ड्राइव करने लगा। नैना ने उसकी तरफ देखा और उसे समझाते हुए कहा, आप प्लेस ज्यादा गुस्सा मत करे! आप जैसा समझ रहे है वैसा कुछ भी नहीं है, हम दोनों सिर्फ दोस्त है!

इस पर अंश ने उसे एक गहरी नजर से घुरा और कहा, मेरी एक बात कान खोल कर सुन लो नैना राजवंश! तुम मेरी मंगेतर हो, और मुझे ये बिल्कुल भी बरदाश नहीं है कि अंश रायजादा की मंगेतर लडकों के साथ रंगरेलिया मनाए!

उसकी दहाडती हुई आवाज पर एक वो चुप हुई थी। इसके बाद पूरे रास्ते उन दोनों में कोई बातचीत नहीं हुई। राजवंश मेंशन के सामने गाडी के रुकते ही अंश ने कार से टिक कर खडे होते हुए कहा, जल्दी से अपना सामान लो और बाहर आओ! हमे अभी निकालना होगा!

नैना ने देखा कि अभी फ्लाइट के टेक ऑफ में तीन घंटे बाकी है लेकिन अंश के सामने उसकी कुछ भी बोलने की हिम्मत नहीं हुई। वो एक रॉयल फैमिली में पैदा हुई, लेकिन क्या ही फायदा इस का? वो तो खुद की मर्जी से सांस भी नहीं ले सकती थी। अब ये शख्स जिस से वो इतना डरती थी, इसी शख्स के साथ उसकी शादी होने वाली थी। कभी कभी तो वो सोचती की काश वो किसी नॉर्मल फैमिली से बिलोंग करती तो शायद उसके ऊपर इतने सारे रिस्ट्रिक्शन ना होते। उसकी क्लास की लडकियों क्लबिंग, पार्टी, ट्रिप्स करने में बिजी होती थी जहां उसे तो लेने और ले जाने के लिए भी ड्राइवर आता था।

थोडी ही देर बाद सर्वेंट नैना के बैग को खींचते हुए बाहर आया और उसे गाडी की डिक्की में रख दिया। नैना ने भी चेंज कर लिया था और उसने व्हाइट Color का है नेक टी शर्ट और जींस पहना हुआ था। बालों को Hi पोनी टेल में बांधे हुए थे और वो दिखने में काफी सुंदर लग रही थी। हालांकि उसके हल्के मेक अप करने के बावजूद भी उसकी आंखों की सुर्खी छुप नहीं पा रही थी।

दादू नैना को ड्रॉप करने के लिए बाहर तक आए। नैना ने आखिरी बार अपने दादू को कसकर गले लगा लिया और कुछ हिदायतें लेने के बाद वो कार में बैठ गई। कार इस वक्त ड्राइवर ड्राइव कर रहा था जब कि वो दोनो बैक सीट पर बैठे हुए थे। अंश इस वक्त अपने मोबाइल फोन में बिजी था लेकिन आंखों की कनकियो से वो बार बार नैना को भी देख रहा था। जो कि इस वक्त सडक को देख रही थी। नैना ने उससे बात करने की कोशिश नहीं की थी।

लगभग आधे घंटे के सफर के बाद वो दोनो और पोर्ट पहुंच गए। एयर पोर्ट पर ही एक नौजवान उन दोनो का इंतेजार कर रहा था। अंश के पास आ कर उससे बात करने लगा, वो उसका असिस्टेंट था। ड्राइवर ने सामान बाहर निकाला और अंदर ले गया।

असिस्टेंट शशि भी उन लोगों के साथ ही जाने वाला था। वो सब वेटिंग एरिया में बैठे बोर्डिंग का वेट कर रहे थे। अंश अपने काम से रिलेटेड शशि से बात कर रहा था जब कि नैना ने उन लोगों को सिरे से इग्नोर किया और अपने दोनों कानों में हेडफोन लगाए मोबाइल फोन में मूवी देखने लगी। अंश ने उसे देखा और शशि को कुछ इशारा किया। जिसे समझ कर शशि नैना के लिए काफी ले आया और उसे दे दिया। नैना ने भी उसे मुस्कुरा कर ले लिया। क्यों कि उसे ये नहीं पता था कि ये इस डेविल ने मंगाया है।

उन लोगों की सीट फर्स्ट क्लास में बुक थी जिस वजह से उन्हें जाने में ज्यादा प्रॉब्लम नहीं हुई और अगले दिन वो लन्दन में लैंड हुए। लन्दन एयरपोर्ट पर अंश को लेने के लिए काफी सारे बॉडीगार्ड आए थे। नैना ने मुंह बनाते हुए कहा, huuh! बेकार में सब की नजरों में आना होता है इन्हें तो!

ये बोलते हुए वो अपने कानों में हेडफोन डाले अब गाने सुन रही थी। अंश ने अपने चेहरे को मास्क से कवर कर लिया। लन्दन में इस वक्त कडाके की ठंडी थी और उसने कोई भी ओवर कोट नहीं लिया था। उसे लगा कि वो कार तक पहुंचने से पहले यही जम जाएगी। लेकिन शायद वो गलत थी। उसने देखा कि एक हैंडसम नौजवान उसके पास आ रहा है। अचानक उस खूबसूरत बला से नैना ने अपना ध्यान हटाया। जब कि अंश ने आगे बढकर उसे कोट पहनाया। नैना की आंखे सीधा अंश की आंखों से जा मिली। जिन में किसी तरह का कोई इमोशन नहीं दिखाई दे रहा था।

नैना ने उस कोट को अच्छे से पहना और अपने ठंडे हाथों को कोट के जेब में रखे। वहां से वो लोग कार में बैठकर निकल गए। कार में वो दोनो थे और नैना ने अंश की तरफ देखते हुए पूछा, आप के घर पर कौन कौन रहता है?

भले ही नैना का वो मंगेतर था लेकिन वो उसकी फैमिली के बारे में कुछ नहीं जानती थी। वो बस इतना जानती थी कि अंश के डैड उसके डैड के काफी अच्छे दोस्त थे। और उनका रिश्ता भी उन के डैड ने ही तय किया था। अंश ज्यादा इंडिया में होता नहीं था और ना ही नैना ने कभी उस से Call या टेस्ट पे बात करने की कोशिश की थी। जिस वजह से वो उसके बारे में काफी कम बाते जानती थी।

अंश ने अपना ध्यान अपने फोन से निकाला और नैना की तरफ देखते हुए वो थोडा खिसक कर उसके पास आया। नैना को लगा कि नॉर्मली उसके पास आया है लेकिन अगले पल उसने नैना के साथ जो किया उसके बारे में नैना ने कभी सोचा तक नहीं था। उसने अपने एक हाथ से नैना को पूरी तरह से अपने अंदर समेत लिया। उसकी परफ्यूम की स्मेल को अपने इतने पास महसूस करते हुए नैना का गला सुख रहा था। उसने बेख्तियार ही अंश की तरफ देखा तो उन दोनों का चेहरा एक दूसरे के पास था।

अंश ने उसके कान के पास आ कर कहा, मेरे घर पे हमारे अलावा और कोई नहीं होगा! सिर्फ हमारी ही प्राइवेसी होगी!

नैना को लगा जैसे उसने कुछ गलत सुन लिया। उसके कान लाल हो गए थे। क्या ये वही खडूस अंश था। जो कल तक Kiss तरह से गुस्सा कर रहा था। वो उसे हैरानी और शर्म के मारे देख रही थी। जिसे देख अंश ने कहा, ऐसे भी मत देखो अब, हमे अब हमेशा साथ ही तो रहना है।

उसकी ऐसी बाते ना जाने क्यों नैना को अच्छी लगने लगी थी। उसे लगा जैसे अंश उसके दादू के सामने जानबूझकर सख्त बनता था। वैसे भी उसे अंश में उसके गुस्से के अलावा कोई बुराई नजर नहीं आई थी।

थोडी ही देर बाद उसने देखा कि उसके आगे पीछे चल रही गाडिया एक एक करके अपना रास्ता बदल रही है। लेकिन उसने ज्यादा ध्यान नहीं दिया।

गाडी एक रेजिडेंशियल सोसायटी में आ कर रुकी तो ड्राइवर ने उन दोनों के लिए दरवाजा खोला। अंश ने आगे बढकर नैना का हाथ पकडा और वो दोनो एक लिफ्ट की तरफ बढ गए। नैना ने अंश की तरफ देखा और उसे हैरानी से पूछा, क्या हम यहां पर रहने वाले है?

अंश ने एक कहा, हा! क्यों कि यहां से तुम्हारा Collage पास में होगा!

अंश ने एक गहरी नजर उसके सामने मौजूद उस छोटे से वजूद पर डाली जो कि इस वक्त यहां पर उस के शहर में पूरी तरह से उस के ऊपर डिपेंडेंट थी। उसने अपने आप से कहा, नैना राजवंश! खुश हो लो जितना होना है, क्यों कि अब से तुम्हारी बर्बादी के दिन शुरू!

अंश के इन खयालों से बेखबर वो अंश का हाथ पकडे लिफ्ट की तरफ बढ रही थी। लिफ्ट चारth फ्लोर पर जा कर रुकी और अंश नैना को लेकर बाहर आया और अपने फ्लैट की तरफ बढ गया।

अंश ने Door को ओपन किया और वो दोनो ही फ्लैट में आ गए। वो दोbhk फ्लैट दो लोगों के रहने के लिए काफी था। एक किचेन और लिविंग Room थे जहां पर एक बडी सी LED लगी हुई थी। LED के सामने ही सोफा और काफी टेबल था। फ्लैट अच्छे से फर्निश्ड था।

नैना ने हिचकिचाते हुए अंश की तरफ देखकर पूछा, मेरा कमरा कौनसा होगा?

अंश ने एक कमरे की तरफ इशारा किया तो पीछे से सामान ले कर आ रहे ड्राइवर ने उन का सामान उस कमरे में रख दिया। जिस के बाद नैना भी उस कमरे में चली गई। लेकिन कमरे में जाते ही वो ठठक गई। उस कमरे में अंश की फोटो और अंश के इस्तेमाल करने की चीजें थी। वो जल्दी से बाहर आई और उसने अंश से कहा, मुझे लगता है कि आप ने मुझे गलती से गलत कमरा बता दिया है, ये तो आप का कमरा है!

अंश उस के करीब आया और उसके सामने उसके मुकाबिल खडा हो गया। नैना ने अपने कदम पीछे लेने चाहे लेकिन अंश ने नीचे की तरफ झुककर उसके चेहरे के सामने आ कर कहा, ये मेरा कमरा है और आज से तुम्हारा भी!

नैना को लगा कि उसने कुछ गलत सुना है। वो जल्दी से पीछे हटी और अपनी नजरे चुराने लगी। अंश के इस तरह से करीब आने पर उसके दिल की धडकने बढने लगी थी।

हम एक साथ कैसे रह सकते है .... हमारी तो अभी शादी भी...”

उसने इतना कहा ही था कि अंश उसके होंठो पर अपनी उंगली रखी और उसके बोलते हुए लबों को खामोश कर दिया।

में बहस नहीं चाहता! तुम मेरे साथ मेरे कमरे में रहोगी इट्स फाइनल!

इतना बोलते हुए वो खुद भी कमरे के अंदर चला गया।

अंश अपने कमरे में जा कर बाथ Room में घुस गया। वह धीरे से बाहर आई और सोफे पर आकर बैठ गई। उसकी उंगलियाँ आपस में गुँथ गईं। हर बीतती सेकंड, उसे कमरे की दूरी से ज्यादा अंश की खामोशी अखर रही थी।

नैना को लगा जैसे उसके साथ गलत किया जा रहा है। वो कमरे से बाहर आई और उसने दूसरा कमरा देखना चाहा लेकिन उसने देखा कि वो कमरा लोक है।
नैना ने अपने आप से कहा, आखिर हम दोनो शादी से पहले अकेले एक कमरे में कैसे रह सकते है? अगर कुछ उल्टा सीधा हो गया तो में दादू को क्या मुंह दिखाऊंगी!

वो हाल में चहलकदमी कर रही थी, इतनी ठंड में भी उसके हाथों में पसीना आया था। उसे काफी थकान हो रही थी इसलिए वो सोफे पर आ कर बैठ गई।
बाथरूम का दरवाजा खुला। भाप में लिपटा अंश बाहर आया बालों से टपकती बूँदें उसकी गर्दन से बहती हुई सीने तक जा रही थीं। लेकिन उसकी निगाहें ठंडी थीं। कमरे में नैना को न पाकर उसकी भौंहें तन गईं। उसके बालों से पानी टपक रहा था, हाथ में टॉवेल था। उसने देखा नैना दूर कोने में खडी थी, और फिर बोला,

तुम्हारा सामान अब तक वहीं पडा है, नैना। क्या कोई खास वजह है?

नैना ने अपना sir उठाया और उसकी तरफ देखा। उसे इस तरह से अपने सामने देखकर उसने दुबारा अपना sir झुका लिया। अपनी उंगलियाँ मरोडते हुए कहा,
मैं. मैं उस कमरे में रह लूंगी।
उसने लॉक्ड Room की तरफ इशारा किया। अंश के चेहरे एकदम से बिगड गया।

अंश पास आया, उसका चेहरा अब भी गंभीर था। उसने झुककर धीरे से कहा,
तुम्हें लगता है ये सब तुम्हारे comfort के हिसाब से चलेगा?

नैना ने पलके झुका लीं, उसके दिमाग में काफी सारी बातें चल रही थी। क्या ये गलत था कि मैं एक अजनबी के साथ एक ही कमरे में असहज महसूस कर रही थी?
लेकिन वो ये उसके सामने बोल ना सकी, वो हिम्मत जुटा कर बोली,
मैं बस. कुछ boundaries रखना चाहती हूं।

अंश की आँखों में एक हल्की मुस्कान आई कटाक्ष भरी। उसे उसकी बातों में डर कम और जिद ज्यादा नजर आई। यही उसे चिढा गया।
उसने टोंट मारने वाले लहजे में कहा, Boundaries? ये तुम्हारा घर नहीं है, नैना। और ना ही मैं तुम्हारे दादू हूं।
थोडा रुककर उसने उस लडकी की तरफ गौर से देखा।
उसने एक कडा, शांत स्वर अपनाते हुए कहा,
जब तक तुम यहां हो, तुम्हें मेरे रूल्स मानने होंगे। Rest. is optional.

नैना कुछ पल चुप रही। फिर धीमे कदमों से कमरे में चली गई।
अंश ने पीछे मुडकर देखा। उसकी मुस्कान गहरी हो गई।
लेकिन तभी नैना की आवाज आई कंपकंपाती लेकिन ठोस।

अंश, मैं वापस जाना चाहती हूं। प्लीज मेरा इंतजाम करवा दीजिए।
कमरे में हीटर की धीमी आवाज चल रही थी, लेकिन उनके बीच की खामोशी उससे भी भारी थी।
अंश ठिठक गया। उसकी मुस्कान गायब हो गई। अंश के माथे पर एक नस धडक उठी थी। वो धीरे से पलटा और बोला, तुम अब लौट नहीं सकती। और अगर तुमने जिद की. तो फिर मुझे वो इंसान बनना पडेगा जो तुम्हें पसंद नहीं आएगा।
इतना कहकर उसने अपनी शर्ट उठाई, पहनी, और बिना दरवाजा पटके, बाहर निकल गया।
नैना कुछ पल चुप रही. फिर उसके चेहरे पर एक बहुत हल्की, almost invisible मुस्कान उभरी जैसे खुद से कुछ कह रही हो, ठीक है, देख लेते हैं तुम्हारे रूल्स को।

एक तो वो मन मार कर यहां आई थी ऊपर से अंश उसे इस तरह से तंग कर रहा था। उसके जाने के बाद नैना ने अपने बैग से कपडे निकाले और फ्रेश होने के बाद कंबल में दुबक कर सो गई। वो फ्लाइट में काफी ज्यादा थक गई थी और उपर से उसे प्लेन में नींद भी नहीं आती थी।

नैना के सोने के थोडी देर बाद अंश वापस कमरे में आया। उसने एक बार सोई हुई नैना को देखा और फिर अपने चेहरे पर एक मुस्कान लिए कमरे में से नैना के पासपोर्ट और उसकी आई डी कार्ड को अपने पास रख लिया। कुछ सोचते हुए उसने उसके मोबाइल में से सिम कार्ड भी निकाल कर फेंक दिया।

वो किचेन में आया और अपने लिए कुछ पकाया और खाया।


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